Skip to main content

Shodh Prabha: A Multidisciplinary Journal

Shodh Prabha: A Multidisciplinary Journal

A National, Peer-reviewed (refereed), Bi-Monthly Journal

  ISSN: 3108-2726 (Online)
ISSN: 3108-2890 (Print)

Call For Papers - Volume 2, Issue 4 (July - August 2026)
Paper Title

मैथिलीशरण गुप्त के काव्य में राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक पुनर्जागरण

Author(s)शालिनी यादव.
CountryIndia
Abstract

मैथिलीशरण गुप्त का काव्य आधुनिक हिंदी की राष्ट्रीय चेतना के निर्माण में एक निर्णायक हस्तक्षेप है। उनके यहाँ राष्ट्र केवल राजनीतिक स्वतंत्रता की आकांक्षा नहीं, बल्कि आत्मालोचन, सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिक अनुशासन और सांस्कृतिक स्मृति से निर्मित एक जीवित समुदाय है। प्रस्तुत आलेख का केंद्रीय प्रतिपाद्य यह है कि गुप्त का राष्ट्रवाद अतीत के गौरवगान तक सीमित नहीं रहता; वह वर्तमान की जड़ता पर प्रश्न उठाते हुए परम्परा को लोकमंगल की आधुनिक कसौटी पर पुनर्परिभाषित करता है। ‘भारत-भारती’ और ‘स्वदेश-संगीत’ में यह चेतना प्रत्यक्ष राष्ट्रीय संबोधन के रूप में आती है, जबकि ‘जयद्रथ-वध’, ‘साकेत’, ‘पंचवटी’ और ‘यशोधरा’ में मिथकीय आख्यान, प्रकृति, पारिवारिक संबंध और स्त्री-अनुभव उसके सांस्कृतिक आयामों को विस्तृत करते हैं। आलेख यह भी रेखांकित करता है कि खड़ी बोली की संप्रेषणीयता, नैतिक प्रश्नों की सार्वजनिक प्रस्तुति और उपेक्षित पात्रों को वाणी देना गुप्त के सांस्कृतिक पुनर्जागरण की प्रमुख उपलब्धियाँ हैं। साथ ही अतीत के आदर्शीकरण, उपदेशात्मकता और स्त्री-स्वायत्तता को त्याग-मर्यादा की सीमा में देखने जैसी अंतर्विरोधी प्रवृत्तियों की आलोचनात्मक पड़ताल की गई है। इस प्रकार गुप्त का काव्य राष्ट्र को प्रभुत्व के बजाय न्याय, सह-अस्तित्व और आत्मसंस्कार की प्रक्रिया के रूप में समझने की प्रेरणा देता है।

Keywordsमैथिलीशरण गुप्त, राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक पुनर्जागरण, भारत-भारती, राष्ट्रीय चेतना, खड़ी बोली।
Subject AreaHindi
Issue Volume 1, Issue 3 (May - June 2025)
Published2025/05/20
How to Cite शालिनी यादव (2025). मैथिलीशरण गुप्त के काव्य में राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक पुनर्जागरण. Shodh Prabha: A Multidisciplinary Journal, 1(3), 27–33.
License
Copyright © 2025 The Author(s). This work is licensed under a Creative Commons Attribution 4.0 International License (CC BY 4.0).

PDF View / Download PDF File