| Paper Title | गौरीपुर घराने के स्वर्गीय डॉ. वरिन्दर कुमार जी का संगीत जगत में योगदान |
| Author(s) | Dr. Shupreet singh. |
| Country | India |
| Abstract | सारांश यह अध्ययन स्वर्गीय डॉ. वरिन्दर कुमार जी के जीवन, संगीत प्रशिक्षण, वादन शैली तथा उनके शिक्षण एवं मंचीय योगदान का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। आप पंजाब के उन प्रमुख सितार वादकों में से एक थे, जिन्होंने न केवल अपनी उत्कृष्ट मंच प्रस्तुतियों द्वारा श्रोताओं को प्रभावित किया, बल्कि सितार को एकल वादन के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आपने विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से औपचारिक संगीत शिक्षा प्राप्त की तथा अनेक गुरुओं के मार्गदर्शन में अपनी कला को परिष्कृत किया। एक कुशल शिक्षक के रूप में उन्होंने खालसा कॉलेज, अमृतसर एवं गुरु नानक देव विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों में अध्यापन करते हुए अनेक शिष्यों को प्रशिक्षित किया, जो आज संगीत के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनकी वादन शैली में पारंपरिक घरानों की विशेषताओं के साथ-साथ नवीनता का संतुलित समन्वय देखने को मिलता है। आपने देश के विभिन्न मंचों पर अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्हें अनेक सम्मानों से सम्मानित किया गया, जो उनके सांगीतिक योगदान का प्रमाण है। प्रस्तुत अध्ययन से स्पष्ट होता है कि डॉ. वरिन्दर कुमार का व्यक्तित्व एक सफल कलाकार, समर्पित शिक्षक और प्रभावशाली सांगीतिक व्यक्तित्व के रूप में स्थापित होता है, जिनका योगदान संगीत जगत में सदैव प्रेरणादायक रहेगा। |
| Subject Area | Music |
| Issue | Volume 2, Issue 3 (May - June 2026) |
| Published | 2026/06/06 |
| How to Cite | singh, S. (2026). गौरीपुर घराने के स्वर्गीय डॉ. वरिन्दर कुमार जी का संगीत जगत में योगदान. Shodh Prabha: A Multidisciplinary Journal, 2(3), 1–6. |
| License |
Copyright © 2026 The Author(s). This work is licensed under a
Creative Commons Attribution 4.0 International License (CC BY 4.0). |
View / Download PDF File